
अंगूरी का सामान्य प्रसव से जुड़वा बच्चे होने पर परिवार में खुशी की लहर दौड़ी
खण्डवा 28 फरवरी, 2025 – विकासखंड पंधाना के ग्राम पिपलौदखुर्द की रहने वाली अंगूरी बाई पति दुर्गेश गर्भावस्था के दौरान कमजोर थी। उपस्वास्थ्य केन्द्र रुस्तमपुर में एएनसी पंजीयन के बाद ग्राम की आशा कार्यकर्ता द्वारा हर माह गृह भेंट देकर एवं समय-समय पर स्वास्थ्य जांच के साथ आयरन की गोली व पोषण आहार की सलाह से हीमोग्लोबिन भी 12 ग्राम हो गया था। प्रसव पीड़ा होने पर अंगूरी बाई को सही समय पर जिला चिकित्सालय खण्डवा में भर्ती करवाया गया । जहाँ पर उनका सामान्य प्रसव चिकित्सकांे द्वारा करवाया गया और अंगूरी ने जुड़वा बच्चों को जन्म दिया। अंगूरी के परिजन ने जुड़वा बच्चों को देखकर खुशी जाहिर की। नवजात बच्चों का वजन कम होने से आशा के द्वारा प्रतिदिन गृह भेंट दी जाकर नवजात की देखभाल कर निगरानी की गई। अंगूरी बाई ने बताया कि समय-समय पर एएनएम एवं सी.एच.ओ. की मदद से कंगारू मदर केयर और स्तनपान कराने के लाभ के साथ-साथ पर्याप्त मात्रा में पोषक तत्व वाला भोजन लेने से दूध आदि आने से बच्चों को पर्याप्त मात्रा में दूध की भरपाई हुई। शुरूआत के 42 दिनों तक आशा द्वारा घर आकर दोनों बच्चों की पोषण स्थिति में सुधार के लिए नियमित परामर्श दिया गया। दोनों बच्चों को जीवन रक्षक टीके टीकाकरण सारणी अनुसार लगवाए गये । जिसके बाद दोनों जुड़वा बच्चे स्वस्थ होकर वजन भी बढ़ने लगा। अंगूरी बाई ने बताया कि गर्भावस्था के समय व प्रसव होने के बाद भी स्वास्थ्य टीम द्वारा दी गयी स्वास्थ्य सेवाओं व समय समय पर दिये परामर्श के कारण उनका प्रसव सुरक्षित व स्वस्थ हुआ। उनके बच्चे अब पूर्णतः स्वस्थ हैं। सरकार द्वारा दी जा रही स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ प्राप्त करते हुए उन्होंने शासन का आभार व्यक्त किया।











